Home विज्ञान मंगल ग्रह पर मिले 'अमृत' के संकेत, बंधी जीवन की उम्मीद

मंगल ग्रह पर मिले ‘अमृत’ के संकेत, बंधी जीवन की उम्मीद

दो साल पहले वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि मंगल के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के नीचे एक विशाल सॉल्टवॉटर झील मिली है। अब वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है और साथ में तीन और झीलों के बारे में बताया है। इसके बारे में नेचर ऐस्ट्रॉनमी में रिपोर्ट छापी गई है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मार्स-ऑर्बिटिंग स्पेसक्राफ्ट Mars-Express के रेडार डेटा के आधार पर यह खोज की गई है। (सभी तस्वीरें: फाइल फोटो, NASA)

ऐसे मिले संकेत

ताजा स्टडी 2012 से लेकर 2019 तक के 134 ऑब्जर्वेशन पर आधारित है। स्टडी में हिस्सा ले रहीं यूनिवर्सिटी ऑफ रोम की वैज्ञानिक एलेना पेट्टिनली ने कहा, ‘हमने पानी के उसी स्रोत की खोज की है लेकिन हमें उसके आसपास तीन और स्रोत मिले हैं। यह एक जटिल सिस्टम है।’ टीम ने Mars Express पर लगे Mars Advanced Radar for Subsurface and Ionosphere Sounding (MARSIS) रेडार इंस्ट्रुमेंट का इस्तेमाल किया है। MARSIS ने रेडियो वेव्स भेजी थीं जो मंगल की सतह और सतह के ठीक नीचे वाले हिस्से से टकराकर लौटा।

एक किलोमीटर नीचे संकेत

जिस तरह से ये सिग्नल रिफ्लेक्ट होते हैं, उसके आधार पर पता लगाया जा सकता है कि वहां कौन सा मटीरियल है- चट्टान, बर्फ या पानी। धरती पर भी ग्लेशियल झीलों का पता लगाने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया जाता है। टीम ने मंगल पर ऐसे क्षेत्र खोजे हैं जहां बर्फ के एक किलोमीटर नीचे पानी के संकेत मिलते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब 75 हजार स्क्वेयर किलोमीटर पर ये झीलें फैली हैं। सबसे बड़ी झील करीब 30 स्क्वेयर किलोमीटर बड़ी है और इसके आसपास 3 छोटी झीलें हैं।

पहले थे सागर और झीलें

मंगल की सतह पर कम दबाव की वजह से लिक्विड पानी की मौजूदगी संभव नहीं होती है लेकिन वैज्ञानिकों को काफी वक्त से ऐसी संभावना लगती रही है कि यहां पानी हो सकता है। अरबों साल पहले जब यहां सागर और झीलें थीं, हो सकता है उनके निशान बाकी हों। अगर ऐसा कोई जलाशय होता है तो वह मंगल पर जीवन की उम्मीद जगा सकता है। धरती पर भी अंटार्कटिका जैसे क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों में जीवन मौजूद है।

क्या जीवन की है संभावना?

हालांकि, मंगल की झीलों पर नमक की मात्रा के कारण परेशानी हो सकती है। माना जाता है कि सतह के नीचे झीलों में पानी के लिक्विड होने के लिए नमक की भारी मात्रा की जरूरत होती है। मंगल के अंदरूनी हिस्सों से यहां तक गर्मी तो पहुंचती होगी लेकिन यह बर्फ को पानी में बदलने के लिए काफी नहीं होगी। इसलिए नमक का होना जरूरी है। यह एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से कई वैज्ञानिक पानी की मौजूदगी पर भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, झील के अंदर समुद्री पानी की तुलना में 20 गुना ज्यादा नमक होने से जीवन की संभावना कम हो जाती है।

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