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प्रवासियों के लिए मनरेगा बना सहारा, छपरा में 80000 मजदूरों को मिला रोजगार

Edited By Ruchir Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

छपरा

कोरोना संकट (Coronavirus Update in Bihar) के दौरान दूसरे प्रदेशों से बिहार आने वाले मजदूरों के लिए मनरेगा (MGNREGA in Bihar) बड़ा सहारा बन गया है। सारण जिले की बात करें तो यहां जिलाधिकारी के निर्देश पर मनरेगा के तहत प्रतिदिन औसतन 80,000 अकुशल मजदूरों को कार्य दिया जा रहा है। इसमें सरकार के विशेष कार्यक्रम ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ के तहत तालाब-दूसरे जल संचयन, जल निकासी के लिए बांध/चेक डैम के निर्माण का काम शामिल है। इसके साथ-साथ आंगनबाड़ी केन्द्र के भवनों का निर्माण कार्य भी शामिल है। इस कदम से प्रवासी मजदूरों को अपने जीवनयापन के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।

सारण के जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई

सारण के जिलाधिकारी की ओर से बताया गया कि अभी तक कुल 6,41,632 जॉब कार्ड दिए दिए गए हैं। जिसमें इस वित्तीय वर्ष 2020-21 में 18531 जॉब कार्ड निर्गत हुए हैं, लॉकडाउन के पश्चात लगभग 15000 बाहर से आए श्रमिक शामिल हैं। बाहर से आए दूसरे श्रमिकों का भी नया जॉब कार्ड निर्गत करने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अभी तक कुल 6283 परिवारों/लाभुकों को मनरेगा योजना से 90 दिनों का काम दिया जा रहा है, जिससे उन्हें सुदृढ़ आवास बनाने में सहायता मिल सके।

प्रवासी मजदूरों को दिया जा रहा काम

जिलाधिकारी की ओर से परिवारों की संख्या बढ़ाने और सभी कार्यों पर लगातार निगरानी रखने के लिए उप-विकास आयुक्त और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, मनरेगा और सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा को आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसके साथ-साथ 9 अगस्त को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बिहार में 2.51 करोड़ पौधे लगाने के निर्देश मुख्यमंत्री की ओर दिए गए हैं। ये पौधे मनरेगा और वन विभाग के सौजन्य से लगाने को लेकर जिलाधिकारी की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। इसमें सारण जिले में 4,06,900 पौधा मनरेगा के तहत लगाने के लिए जरूरी तैयारी संपन्न करने का निर्देश दिया गया है।

MGNREGA से मजदूरों को मिलेगी बड़ी राहत

ये पौधे सड़कों के किनारे, तालाब के किनारे, निजी भूमि आदि पर लगाए जाएंगे, जिससे भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उचित कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी की ओर से निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाने का निर्देश दिया गया है जिससे किसानों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सके। साढा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बैजनाथ सिंह के अनुसार लॉकडाउन के बाद उनके पंचायत क्षेत्र में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसमें एक तालाब का निर्माण कार्य किया जा रहा। इसमें प्रतिदिन 50 से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा है।

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