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मुबई के डब्बावालों का भविष्य अनिश्चित

मुंबई, 10 जून (भाषा) देश में कोरोना वायरस महामारी के रोकथाम के लिए जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावाले अपने गांव की ओर लौट गए और वहीं जीवन चलाने के लिए रास्ते तलाश करने लगे। उनमें से कुछ ने खेती का रास्ता अपनाया लेकिन चक्रवाती तूफान निसर्ग उनके घरों के साथ-साथ खेतों को भी नुकसान पहुंचाया। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने बुधवार को कहा कि अन्य असंगठित क्षेत्रों की तरह ही डब्बावालों को भी सरकार से मदद की जरूरत है। कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को देखते हुए डब्बावालों

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भाषा | Updated:

मुंबई, 10 जून (भाषा) देश में कोरोना वायरस महामारी के रोकथाम के लिए जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावाले अपने गांव की ओर लौट गए और वहीं जीवन चलाने के लिए रास्ते तलाश करने लगे। उनमें से कुछ ने खेती का रास्ता अपनाया लेकिन चक्रवाती तूफान निसर्ग उनके घरों के साथ-साथ खेतों को भी नुकसान पहुंचाया। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने बुधवार को कहा कि अन्य असंगठित क्षेत्रों की तरह ही डब्बावालों को भी सरकार से मदद की जरूरत है। कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को देखते हुए डब्बावालों ने 19 मार्च को अपनी सेवाएं बंद कर दी थी। सरकार अब मुंबई में कार्यालयों और कारोबार को खोलने की अनुमति दे रही है लेकिन डब्बावाले अपनी सेवा के साथ कब लौटेंगे, इसको लेकर अनिश्चितता है। तालेकर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ हमारी सेवाएं पूरी तरह से उपनगरीय ट्रेनों पर निर्भर है। हम लोकल ट्रेनों का परिचालन शुरू होने तक सेवा शुरू नहीं कर सकते हैं। कौन जानता है कि ट्रेन सेवा कब शुरू होगी, जुलाई या अगस्त में?’’ तालेकर ने कहा कि ग्राहकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी, यह भी अनिश्चित है। उन्होंने कहा, ‘‘ शहर के ज्यादातर इमारतों, हाउसिंग सोसाइटिज ने रिश्तेदारों तक के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। क्या वे हमें खाना पहुंचाने और डब्बे ले जाने की मंजूरी देंगे, भले ही हम कितना भी मास्क और सेनिटाइजर के इस्तेमाल का ख्याल रखें।’’ मुंबई में किसी भी आम दिन में 5,000 डब्बावाले कार्यालय जाने वालों को खाना पहुंचाते रहे हैं। ये सभी समय के पाबंद और तेजी के लिए जाने जाते हैं। 1998 में फॉर्ब्स पत्रिका ने इन्हें ‘सिक्स सिग्मा’ रेटिंग से नवाजा था।

 

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Web Title the future of dabbawal of mumbai is uncertain

(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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