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यूपी: चार और शिक्षक कर रहे फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी, ऐसे खुला मामला

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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की 2004-05 की बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले चार और शिक्षक जिले में हैं। इनके शैक्षिक अभिलेख बीएसए ने बीईओ के माध्यम से दो दिन में तलब किए हैं। इससे पूर्व जिले में 51 शिक्षक पकड़े गए थे। इसमें से 22 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं और 29 का वेतन रुका है।

इनका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। डॉ. भीमराब आंबेडकर विवि आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड फर्जी डिग्री से कई लोग शिक्षक बने हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी जांच कर रही है। इसमें जिले में 2019 में 51 शिक्षक चिह्नित हुए।

इन सभी को तत्कालीन बीएसए ने बर्खास्त कर दिया था। ये सभी शिक्षक उच्च न्यायालय से स्टे ले आए थे और दोबारा स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर लिया। एसआईटी ने 2800 शिक्षकों के फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी करने की सूची कोर्ट में पेश की।

इसमें बर्खास्त हुए 51 शिक्षकों में 22 के नाम थे। इनको दोबारा बर्खास्त कर दिया गया। 29 शिक्षकों का वेतन रुका है। इनका मामला उच्च न्यायालय में है। एसआईटी ने फर्जी बीएड डिग्री के रोल नंबर की एक और संशोधित सूची जिला मुख्यालय भेजी है।

इसमें शामिल शिक्षकों का सत्यापन बीईओ से कराया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय नकटपुर मोहम्मदाबाद के प्रधानाध्यापक सर्वेश कुमार सगर, प्राथमिक विद्यालय बहबलपुर कायमगंज के सहायक अध्यापक ज्योति कटियार, प्राथमिक विद्यालय रूपपुर मंगलीपुर नवाबगंज के प्रधानाध्यापक शिवभगत सिंह व प्राथमिक विद्यालय सरह-2 की सहायक अध्यापक पूनम राठौर के नाम शामिल है।

बीईओ ने इसकी रिपोर्ट बीएसए को दी है। बीएसए लालजी यादव ने इन सभी शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, सेवा पुस्तिका जांच के लिए दो दिन में उपलब्ध कराने का आदेश बीईओ को दिया है। जांच के बाद इन चारों शिक्षकों पर गाज गिरना तय है। बीएसए ने बताया कि अभिलेख मिलने पर सत्यापन के बाद निर्णय लिया जाएगा।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की 2004-05 की बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले चार और शिक्षक जिले में हैं। इनके शैक्षिक अभिलेख बीएसए ने बीईओ के माध्यम से दो दिन में तलब किए हैं। इससे पूर्व जिले में 51 शिक्षक पकड़े गए थे। इसमें से 22 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं और 29 का वेतन रुका है।

इनका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। डॉ. भीमराब आंबेडकर विवि आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड फर्जी डिग्री से कई लोग शिक्षक बने हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी जांच कर रही है। इसमें जिले में 2019 में 51 शिक्षक चिह्नित हुए।

इन सभी को तत्कालीन बीएसए ने बर्खास्त कर दिया था। ये सभी शिक्षक उच्च न्यायालय से स्टे ले आए थे और दोबारा स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर लिया। एसआईटी ने 2800 शिक्षकों के फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी करने की सूची कोर्ट में पेश की।

इसमें बर्खास्त हुए 51 शिक्षकों में 22 के नाम थे। इनको दोबारा बर्खास्त कर दिया गया। 29 शिक्षकों का वेतन रुका है। इनका मामला उच्च न्यायालय में है। एसआईटी ने फर्जी बीएड डिग्री के रोल नंबर की एक और संशोधित सूची जिला मुख्यालय भेजी है।

इसमें शामिल शिक्षकों का सत्यापन बीईओ से कराया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय नकटपुर मोहम्मदाबाद के प्रधानाध्यापक सर्वेश कुमार सगर, प्राथमिक विद्यालय बहबलपुर कायमगंज के सहायक अध्यापक ज्योति कटियार, प्राथमिक विद्यालय रूपपुर मंगलीपुर नवाबगंज के प्रधानाध्यापक शिवभगत सिंह व प्राथमिक विद्यालय सरह-2 की सहायक अध्यापक पूनम राठौर के नाम शामिल है।

बीईओ ने इसकी रिपोर्ट बीएसए को दी है। बीएसए लालजी यादव ने इन सभी शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, सेवा पुस्तिका जांच के लिए दो दिन में उपलब्ध कराने का आदेश बीईओ को दिया है। जांच के बाद इन चारों शिक्षकों पर गाज गिरना तय है। बीएसए ने बताया कि अभिलेख मिलने पर सत्यापन के बाद निर्णय लिया जाएगा।

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