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India-China LAC: युद्ध की तरह मुस्तैद सेना, चीन को उठाना होगा हर नापाक कोशिश का नुकसान

India-China War like alert: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सेनाओं की हिंसक झड़प (India China Violent Clash) होने के साथ चीन को सबक सिखाने का फैसला कर लिया गया है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सेना मुस्तैद है और अगर चीन किसी क्षेत्र को अपना बताने की कोशिश करेगा, तो सेना उसका उसी के लहजे में जवाब देगी।

Edited By Shatakshi Asthana | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

भारत-चीन विवाद: पीएम मोदी की चीन को चेतावनी
हाइलाइट्स

  • भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव फिलहाल कम नहीं होता दिख रहा
  • चीन ने लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसा का ठीकरा भारत पर फोड़ा
  • यही नहीं, गलवान घाटी पर जता दिया अपना हक, भारत ने की आपत्ति
  • अब भारत की सेना लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक LAC पर मुस्तैद है

रजत पंडित, नई दिल्ली

पू्र्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में 15-16 जून को हुई सैन्य हिंसा (India China Clash) के दो दिन बाद तक चीन हमेशा की तरह दो तरफा बातें करता रहा। एक तरफ शांति की दुहाई दे रहे ड्रैगन ने दूसरी ओर गलवान घाटी (Galwan Valley) पर दावा ठोंक किया। अपने 20 जवानों को गंवाने के बाद अब भारत ने फैसला कर लिया है कि चीन अगर चालबाजी से अपने कदम आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा तो उसे कीमत भी चुकानी पड़ेगी। टॉप के एक अधिकारी ने यह बात हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कही है कि अब भारत की सीमा प्रबंधन के लिए शांति बनाए रखने की नीति बदल गई है और चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लिए जब चाहे चले आने का विकल्प खत्म हो गया है।

लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक मुस्तैद सेना

भारतीय सेना इस वक्त 3,488 किमी की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और पूर्वी क्षेत्र पर अब तक की सबसे ज्यादा अलर्ट पोजिशन में तैनात है। चीन ने भी LAC पर सेना बढ़ा दी है, खासकर गलवान, दौलत बेग ओल्डी, देपसान्ग, चुशुल और पूर्वी लद्दाख के दूसरे इलाकों में लेकिन भारत की सेना मानो युद्ध जैसे अलर्ट पर तैनात है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक LAC पर सेना किसी भी तरह की स्थिति के लिए मुस्तैद खड़ी है। पूर्वी लद्दाख में LAC पर 15 हजार सैनिक फॉरवर्ड इलाकों में हैं और इससे भी ज्यादा उनके पीछे खड़े हैं।

चीन का विश्वासघात उजागर हुआ

  • चीन का विश्वासघात उजागर हुआ

    ये तस्वीरें साफ करती हैं कि कैसे चीन ने 10 दिनों भीतर विश्वासघाट किया है। चीन ने डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के बीच अपने सैन्य निर्माण को तेज कर दिया है। चित्र दिखाते हैं कि चीनी सैनिकों को तीन भागों में बांटा गया है। फॉरवर्ड बिल्ड अप के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की ओर निर्देशित दो ट्रेल्स हैं। मंगलवार से प्राप्त चित्रों में सैकड़ों सैन्य वाहनों को दिखाया गया है जो चीनी ओर अस्तर के साथ-साथ चीनी निशान के मध्य और पिछड़े भागों में बांटे गए हैं।

  • सैटेलाइट तस्वीर में देखिए, दोनों सेनाएं आमने-सामने

    भारत और चीन की सेनाओं के बीच रविवार रात को खूनी झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे जबकि खबर के मुताबिक चीन के 40 से ज्यादा जवानों को मार गिराया गया। जिस जगह पर ये झड़प हुई है वहां की तस्वीर सामने आई है।

  • गलवान रिवर के आसपास का हिस्सा

    सैटेलाइट से तस्वीरें मिलने के बाद चीन की नापाक चाल सामने आ गई है। चीन लगातर भारतीय इलाकों में घुसपैठ करना चाहता है। कई तस्वीरों में चीन के सैन्य वाहनों को भी देखा गया और आर्मी कैंप भी नजर आ रहे हैं।

  • गलवान घाटी की Exclusive तस्वीर

    भारत और चीन की सेनाओं के बीच रविवार रात को खूनी झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे जबकि खबर के मुताबिक चीन के 40 से ज्यादा जवानों को मार गिराया गया। जिस जगह पर ये झड़प हुई है वहां की तस्वीर सामने आई है। ये सैटेलाइट तस्वीर है। जो कि लद्दाख के गलवान घाटी के ऊपर से ली गई है। यही वो जगह है जहां पर झड़प हुई थी।

  • 16 जून की तस्वीर

    ये तस्वीर 16 जून की हैं। गलवान घाटी में ही दोनों सेनाओं के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालांकि दोनों पक्षों को उम्मीद है कि बातचीत से मसला हल हो जाएगा।

  • भारतीय सैनिकों को उकसा रही है चीनी सेना

    चीनी सैनिकों द्वारा भड़काने और भयावह कार्यवाहियों का सामना करने के बावजूद, ये तस्वीरें बयां कर रही हैं भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट पर ही मजबूती से तैनात हैं। भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि कम से कम 20 सैनिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हैं। सेना के मुताबिक ये जो एक खूनी और क्रूर विवाद था।

  • शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

    लद्दाख के गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष में शहीद हुए भारतीय जवानों पर पुष्प अर्पित किए जा रहे हैं। उन्होंने देश की आन-बान-शान के लिए हंसते-हंसते अपनी जान वतन के लिए न्योछावर कर दी। इलाके में अभी भी चॉपर की गतिविधि देखी गई है।



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‘PLA को भुगतना होगा हर कोशिश का नुकसान’


एक सूत्र का कहना है, ‘हमारे सैनिक हटेंगे नहीं। हमारी क्षेत्रीय प्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा। चीन जमीन पर यह आक्रामकता लंबे वक्त से कई बार दिखा चुका है। वे हमारे क्षेत्र में आते हैं, फिजूल के दावे करते हैं और उन्हें सच मानकर दोहराते रहते हैं और फिर भारत को आक्रामक बताने की कोशिश करते हैं।’ उनका कहना है कि अब इसकी इजाजत नहीं होगी और PLA को क्षेत्र छीनने की हर कोशिश का नुकसान भुगतना पड़ेगा।

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चीन ने नियमों को तोड़ा, अब भारत करेगा दोबोरा विचार

माना जा रहा है कि बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की बैठक समेत चलीं कई सारी बैठकों के नतीजतन यह कड़ा रवैया देखा जा रहा है। भारतीय डिफेंस इस प्रोटोकॉल पर भी दोबारा विचार कर रहा है जिसके तहत सैनिक LAC के फॉरवर्ड इलाकों में फायरआर्म्स नहीं लेकर जाते हैं। चीन की PLA युद्ध की तैयारी में रहती है। ऐसे में इस प्रोटोकॉल पर फैसला किया जा सकता है। सूत्र का कहना है, ‘PLA ने द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है और सीमा प्रबंधन नियमों को तोड़ा है, जिसमें सीमा रक्षा सहयोग समझौता (BDCA), 2013 शामिल है।’

1962 के युद्ध की शुरुआत

  • 1962 के युद्ध की शुरुआत

    चीन के संदर्भ में गलवान नदी के क्षेत्र का बेहद दर्दनाक इतिहास है। पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने जुलाई 1962 में भारतीय सेना के पोस्ट को घेर लिया था। यह उन घटनाओं में से एक थी जिनके बाद चीन और भारत के बीच हुए भयानक युद्ध की नींव रखी गई थी। 1962 में गलवान के आर्मी पोस्ट में 33 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और कई दर्जनों को बंदी बना लिया गया था।

  • पहले भी हो चुका है ऐसे हथियारों का इस्तेमाल

    लद्दाख में हुई ताजा झड़पों में गोली नहीं चली लेकिन इतनी जानें चली गईं। दरअसल, चीन के सैनिकों ने कांटेदार डंडों से भारतीय सेना पर हमला किया। चीन ऐसा पहले भी कर चुका है। इससे पहले डोकलाम में 2017 में जब तनावपूर्ण स्थिति बनी थी तब भी पैन्गॉन्ग सो झील के पास डंडों और पत्थरों का ही सहारा लिया गया था।

  • पूर्वी लद्दाख में हालात हैं गंभीर

    पूर्वी लद्दाख में बने हालात को ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। करीब 6000 चीनी टुकड़ियां टैंक और हथियारों के साथ भारतीय सेना के सामने खड़ी हैं। सिर्फ लद्दाख ही नहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्कम और अरुणाचल में भी सैन्य तैनाती की जा चुकी है। 5 मई से दोनों देशों के बीच लद्दाख में तनाव जारी है और दोनों देशों के अधिकारी शांति स्थापना की कोशिश में वार्ता कर चुके हैं। इसी दौरान इस बात पर सहमति जताई गई थी कि LAC पर सेनाएं पीछे हटेंगी।

  • लद्दाख में बॉर्डर पर भारत और चीन के बीच कब, क्या हुआ

फिलहाल भारत-चीन के बीच नहीं बोलेगा US



बढ़ती जा रही है ड्रैगन की हिम्मत

यूं तो PLA लंबे वक्त से LAC के अंदर आती रहती है, जून-अगस्त 2017 में सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई-जंक्शन पर डोकलाम के पास 73 तक चले गतिरोध के बाद से उसकी यह हरकत बढ़ गई है। इससे पहले 2016 में PLA 296 बार भारत की सीमा में आई लेकिन 2017 में 473, 2018 में 404 और 2019 में तो 663 बार इसने यह जुर्रत की है। PLA गलवान घाटी और सिक्कम के नाकू ला सेक्टर में बेहद आक्रामक रवैया भी अपना रही है। 5 मई को पैन्गॉन्ग सो में चीन और भारत की सेना के बीच झड़प के बाद 9 मई को नाकू ला पर भी ऐसी घटना हुई।

लद्दाख: चीन को मोदी का जवाब- उकसाया तो मिलेगा जवाबलद्दाख: चीन को मोदी का जवाब- उकसाया तो मिलेगा जवाबलद्दाख में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान आ गया है। पीएम मोदी ने साफ तौर पर चीन को चेताया कि उकसाए जाने पर जवाब जरूर दिया जाएगा। शहीद उन्हें जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे मारते-मारते मरे। देखिए उनका पूरा बयान।

LAC पर मुस्तैद है सेना

LAC पर मुस्तैद है सेना

Web Title indian army on war like alert from ladakh to arunachal pradesh as it readies to make china bear costs of attempt to claim a territory(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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