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बिहार: पुल निर्माण का श्रेय लेने भिड़ पड़े BJP-JDU के ‘पासवान’ ! जानें क्या है मामला

सोन नदी पर बनने वाले पण्डुका पुल निर्माण के श्रेय को लेकर भाजपा सांसद छेदी पासवान और जदयू विधायक ललन पासवान आमने-सामने

रोहतास में एक पुल के निर्माण को लेकर भाजपा सांसद छेदी पासवान और जदयू विधायक ललन पासवान (BJP MP Chedi Paswan and JDU MLA Lalan Paswan) आमने-सामने आ गए हैं.

रोहतास. सासाराम के भाजपा सांसद छेदी पासवान (BJP MP Chhedi Paswan) तथा चेनारी के जदयू विधायक ललन पासवान (JDU MLA Lalan Paswan) बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी पर बनने वाले पण्डुका पुल को लेकर आमने-सामने आ गए हैं. भाजपा सांसद इसे अपने परिश्रम का फल बता रहे हैं, तो जदयू विधायक का कहना है कि सांसद ने इस मामले में कुछ नहीं किया है, जो किया है उन्होंने किया है. बता दें कि बिहार तथा झारखंड को जोड़ने वाली सोन नदी के ऊपर लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से सड़क पुल का निर्माण होना है. केंद्र सरकार ने इस मद में 345 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति भी कर दी है. ऐसे में भाजपा सांसद का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनके प्रयास से इस पुल की स्वीकृति दी है. वहीं  जदयू विधायक का कहना है कि वह इस पुल के लिए पिछले कई सालों से आंदोलन कर रहे थे तथा दर्जनों बार विधानसभा में इसको लेकर मामला उठाया गया. इतना ही नहीं केंद्र सरकार के मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) से भी उन्होंने कई बार मिलकर इसके लिए प्रयास किए.

क्या कहते हैं सांसद छेदी पासवान?
सांसद छेदी पासवान का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के पहले सरकार में पीएम के विशेष पैकेज में इस योजना को स्वीकृति मिली थी. लेकिन बाद में इस योजना की राशि को भागलपुर के विक्रमशिला स्थान्तरित कर दिया गया था. सांसद ने बताया कि इंटरस्टेट कनेक्शन कोरिडोर के तहत उन्होंने इस पुल का अलग से स्वीकृति दिलवाई है. तब जाकर योजना स्वीकृत हुई है. इस प्रकार पण्डुका में बनने वाला पुल उनके प्रयास का नतीजा है. सांसद ने कहा कि इस पुल के बन जाने के बाद बिहार का दक्षिण इलाका पूरी तरह से झारखंड से जुड़ जाएगी. इसके साथ ही बिहार तथा झारखंड के इस सीमावर्ती इलाके का तेजी से विकास होगा. आपस में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियां बढ़ेगी. साथ ही लोगों के जीवन स्तर में तेजी से भी सुधार होगा.

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रालोसपा से जदयू में गए चेनारी के विधायक ललन पासवान सोन नदी पर पण्डुका गांव के पास बनने वाले इस पुल का पूरा श्रेय खुद को देते हैं तथा दावा करते हैं कि उन्हीं के प्रयास से यह सब संभव हो पाया है. उनका कहना है कि जब वे रालोसपा में थे तो जहानाबाद के तात्कालिक सांसद अरुण कुमार के साथ नितिन गडकरी से मिलने गए थे. उसी समय इस सड़क पुल का रास्ता साफ हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद के शिथिलता के कारण उपरोक्त पंडूका पुल की राशि स्थानांतरित होकर भागलपुर के बिक्रमशिला चली गई थी. लेकिन उन्होंने अपने प्रयास से इस पण्डुका पुल की स्वीकृति करवाई है. सांसद से सवाल किए कि पंडूका पुल का मामला उन्होंने संसद में कितने बार उठाए हैं। जबकि विधानसभा में वह वर्षों से इस मामले को उठा रहे हैं.

भाजपा छेदी पासवान ने शहर में लगवाए होल्डिंग्स
एक तरफ जहां सांसद छेदी पासवान सासाराम नगर में बड़े-बड़े होल्डिंग्स लगाकर इसका श्रेय लेने में लगे हैं. वहीं जदयू के विधायक कागजात दिखा रहे हैं, क्योंकि अब तक पुल का शिलान्यास भी नहीं हुआ है। परन्तु इसको लेकर राजनीतिक चरण पर चली गई हैं. बता दें कि यह पुल बिहार और झारखंड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण होगी. हालांकि अभी पुल के शिलान्यास में भी विलंब है. लेकिन अभी से सासाराम में इस पुल को लेकर राजनीति गर्म है. सांसद तथा उनके समर्थक इसे अपनी उपलब्धि बनाने बताने में लगे हैं। वही चेनारी के जदयू विधायक घूम घूम कर कागज दिखा रहे हैं कि उन्होंने कितने बार सदन में इस मामले को उठाया.

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आरजेडी-कांग्रेस का दावा
दूसरी ओर विपक्षी नेताओं का कहना है कि बिहार झारखंड के बीच बनने वाले इस पण्डुका पुल को लेकर बिहार सरकार उदासीन हैं. यही कारण था कि पण्डुका के इस पुल के लिए आवंटित राशि को भागलपुर के विक्रमशिला स्थानांतरित कर दिया गया था. लेकिन झारखंड सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि पुनः इसके लिए राशि आवंटन की स्वीकृति मिली है.

राजद के अशोक भारद्वाज, विमल कुमार सिंह, अरविंद कुमार, जितेंद्र नटराज, कांग्रेस के मनोज सिंह, रालोसपा के रामचंद्र ठाकुर आदि ने इसे झारखंड सरकार की उपलब्धि बताई. बता दें कि चुनावी वर्ष में सब अपनी अपनी राजनीति कर रहे हैं. अभी पुल का कहीं नामोनिशान नहीं है और शिलान्यास तक के चर्चे नहीं है. लेकिन सांसद विधायक और नेतागण अपनी अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं.



First published: June 18, 2020, 1:12 PM IST



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