Home लाइफस्टाइल मिठाइयां तो बहुत सी हैं पर खीर जैसी कोई नहीं, जाने इसे...

मिठाइयां तो बहुत सी हैं पर खीर जैसी कोई नहीं, जाने इसे बनाने की विधि

नई दिल्ली । कई वैज्ञानिक और ऐतिहासिक अध्ययनों ने चंद्र और मासिक धर्म चक्र के बीच एक सुसंगत संबंध स्थापित किया, जिसका 1996 में खंडन किया गया था । हिंदू रीति-रिवाजों में चल रही हैं मान्यताएं चंद्रमा के 16 चरणों का स्त्री के मासिक धर्म चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। परंपराओं में, 16 श्रृंगार चंद्रमा के 16 चरणों के अनुरूप माना जाता है और नकारात्मक प्रभावों को निष्प्रभावी करने के लिए पहना जाता है।

क्या हैं 16 श्रृंगार?

1. वस्त्र अथवा शादी का जोड़ा

लाल रंग एक शुभ रंग माना जाता है और सबसे अधिक शादी की पोशाक में देखा जाता है (पूरी तरह से या अन्य चमकीले रंगों के साथ संयोजन में)। एक घूंघट दुल्हन के चेहरे को कवर करता है, जो युवा, शील और कौमार्य का प्रतीक है।

2. सिन्दूर

विवाहित स्त्रियों के लिए सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है। मान्यता है की सिन्दूर लगाने से पति की आयु में वृद्धि होती है। सर पर जहा मांग में सिन्दूर भरा जाता है, वंहा मस्तिष्क की महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है।

3. गजरा

मुख की आभा बढ़ाने में केशो का महत्वपूर्ण योगदान होता हैं। दुल्हन के जूड़े में जब तक सुगंधित फूलों का गजरा न लगा हो तब तक उसका श्रृंगार अधूरा सा लगता है। केशों को सुगंधित फूलों से उन्हें विभिन्न आकारों में सजाना, शृंगार को बढ़ा देता हैं।

4. काजल

ऐसा माना जाता है कि दुल्हन बुरी आंखों से पीड़ित हो सकती है क्योंकि वह नाटकीय रूप से सुंदर दिखती है, इसलिए काजल को बुरी आंखों को भगाने और दुल्हन की रक्षा करने के लिए लगाया जाता है।

5. झुमका

विवाह के बाद स्त्रियों का कानों में झुमका (ईयरिंग्स) पहनना जरूरी समझा जाता है। इसके पीछे ऐसी पौराणिक मान्यता है कि विवाह के बाद बहू को दूसरों की बुराई करने और सुनने से दूर रहना चाहिए।

6. कमरबंध

कमरबंद एक सुंदर बेल्ट है जो कमर के चारों ओर बंधा हुआ है। यह रत्नों और कीमती पत्थरों से अलंकृत है। यह आभूषण न केवल सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि साड़ी या पोशाक को जगह में रखने में भी मदद करता है। कमरबंद भविष्य की सफलता की निशानी का चित्रण करता है। कुछ लोग इसे दंपति के भविष्य के बच्चे के स्वास्थ्य से जोड़ते हैं।

7. बिंदी

माथे की सुंदरता बढ़ाने में बिंदी का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता हैं। इसे सौभाग्य का प्रतिक भी कहा गया हैं। संस्कृत भाषा के बिंदु शब्द से बिंदी की उत्पत्ति हुई है। सुहागिन स्त्रियां कुमकुम या सिंदूर से अपने ललाट पर लाल बिंदी लगाना जरूरी समझती हैं। इसे परिवार की सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

8. हार अथवा मंगलसूत्र

गले में पहना जाने वाला हार या मंगलसूत्र पति के प्रति सुहागन स्त्री के वचनवद्धता का प्रतीक माना जाता है।

9. कंगन और चूड़ियाँ

चूड़ियां शादी का एक और संकेत है और हाथों की कलाई में पहना जाता है। ये कांच, लोहा, धातु, हाथी दांत, सिरेमिक और सोने के बने होते हैं।

10. अधरंजन (लिपस्टिक्स)

होंठो या अधरों की सुंदरता बढाने के लिए उन्हें कई रंगो से रंगा जाता हैं, आजकल लिपस्टिक का इस्तेमाल किया जाता है जबकि प्राचीन काल में फूलों के रसों द्वारा यह कार्य संपन्न किया जाता था।

11. नथ या नथनी

नाक को शोभामय बनाने के लिए नाक में छेद करके कई प्रकार की नथ पहनी जाती हैं। विवाह के अवसर पर पवित्र अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेने के बाद माता पार्वती के सम्मान में नववधू को नथ पहनाई जाती है। सौंदर्य वृद्धि के साथ-साथ मुख से सम्बंधित बिन्दुओ के द्वारा मुख सौंदर्य बने रखने में नथ सहयोग देती हैं। ऐसी मान्यता है कि सुहागिन स्त्री के नथ पहनने से पति के स्वास्थ्य और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

12. मेहंदी

मेहंदी के बिना सुहागन का श्रृंगार सुना सुना सा लगता है। शादी के वक्त दुल्हन और किसी भी ख़ास मौके पर सुहागिन स्त्रियां अपने पैरों और हाथों में मेहंदी रचाती है। ऐसी मान्यता है कि नववधू के हाथों में मेहंदी जितनी गाढ़ी रचती है, उसका पति उसे उतना ही ज्यादा प्यार करता है।

13. मांगटीका

मांग के बीचों-बीच पहना जाने वाला यह स्वर्ण आभूषण वधू की सुंदरता में चार चांद लगा देता है. ऐसा मन जाता है कि नववधू को मांग टीका सिर के ठीक बीचों-बीच इसलिए पहनाया जाता है कि वह शादी के बाद हमेशा अपने जीवन में सही और सीधे रास्ते पर चले और बिना किसी पक्षपात के सही निर्णय ले सके.

14. अंगूठी

शादी के पहले सगाई या मंगनी के रस्म में वर-वधू द्वारा एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते है। हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथ रामायण में भी इस का उल्लेख मिलता है। माता सीता का हरण करके रावण ने अशोक वाटिका में कैद कर रखा था तब भगवान श्रीराम जी ने हनुमानजी के माध्यम से माता सीता को अपना संदेश भेजा था। तब स्मृति चिन्ह के रूप में उन्होंनें अपनी अंगूठी हनुमान जी को दी थी।

15. बिछुवा

पैरों के अंगूठे और छोटी अंगुली को छोड़कर बीच की तीन अंगुलियों में चांदी का विछुआ पहना जाता है। शादी में फेरों के वक्त लड़की जब सिलबट्टे पर पैर रखती है, तो उसकी भाभी उसके पैरों में बिछुआ पहनाती है। मान्यता यह है कि दुल्हन शादी के बाद आने वाली सभी समस्याओं का हिम्मत के साथ मुकाबला करेगी।

16. पायल

पैरों में पहने जाने वाले इस आभूषण की मधुर छन-छन ध्वनि से घर के हर सदस्य को नववधू की आहट का संकेत मिलता है. पुराने जमाने में पायल की झंकार से घर के बड़े-बुजुर्ग पुरुष सदस्यों को मालूम हो जाता था कि बहू आ रही है और वे उसके रास्ते से हट जाते थे.

 

 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

चीनी सामानों के बहिष्कार में इनका भी मिला साथ

चीन में बने सामानों के बहिष्कार के कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of all India traders) के आंदोलन को ​विभिन्न संगठनों का भी...

Birthday Special: ‘बैंड बाजा बारात’ से लेकर ‘गली बॉय’ तक ये हैं रणवीर सिंह की अब तक बेस्ट परफॉर्मेंस और डायलॉग्स

रणवीर सिंह आज अपना 35वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. इस बार उनका बर्थडे कुछ खास होने वाला है...

मुंबई के पुलिस आयुक्त के खिलाफ अवमानना की अर्जी : उच्च न्यायालय ने जवाब मांगा

मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ दायर अदालत की अवमानना की याचिका पर...

किसी ने 22 ठाकुरों को लाइन में खड़ा कर मार दी गोली तो किसी ने मुख्यमंत्री की हत्या की सुपारी ली थी

फूलन की शादी महज 11 साल की उम्र में 40 साल के एक शख्स के साथ कर दी गई, उस आदमी ने फूलन पर...

चीन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीबो अकाउंट ब्लैंक, हटाए गए फोटो और पोस्ट्स

ट्विटर की तरह चीन में प्रचलित सोशल मीडिया एकाउंट वीबो पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रोफाइल बुधवार को पूरी तरह से ब्लैंक हो गया...