Home दुनिया भारत-चीन के बीच मध्यस्थ की भूमिका में रूस, रक्षा मंत्री राजनाथ आज...

भारत-चीन के बीच मध्यस्थ की भूमिका में रूस, रक्षा मंत्री राजनाथ आज जा रहे मॉस्को

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मॉस्को में आयोजित विजय दिवस परेड में शिरकत के लिए आज से रूस की तीन दिनों की यात्रा करेंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत की जीत की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होगी। रक्षा मंत्री की यह यात्रा भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा गतिरोध के मध्य में हो रहा है। 

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 23 जून को ‘रूस-भारत-चीन’ त्रिपक्षीय विदेश मंत्री वार्ता की मेजबानी करने वाले हैं। ऐसे में देखा जा सकता है कि मॉस्को भारत और चीन के बीच बढ़े तनाव के दौरान एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभर रहा है और मध्यस्थता की कोशिश में लगा हुआ है।

पिछले कुछ सप्ताह से मॉस्को नई दिल्ली के साथ वार्ता करने में लगा हुआ है। चीन के साथ बीते कुछ वक्त में रूस के रिश्ते काफी सुधरे हैं क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद चीन उससे व्यापार करता रहा है। वहीं, नई दिल्ली का मॉस्को के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास रहा है। 2017 में दोकलम विवाद के दौरान, बीजिंग में रूसी राजनयिकों को चीन सरकार द्वारा इस मुद्दे पर जानकारी दी गई थी। 

बता दें कि, लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए विवाद के दो दिन बाद रूस में भारत के राजदूत डी बाला वेंकटेश वर्मा और रूस के उप विदेश मंत्री इगोर मोर्गुलोव के बीच फोन कॉल पर बातचीत हुई।

यह भी पढ़ें: एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण, दोनों सेनाएं पीछे हटने को तैयार नहीं 

इस बातचीत में उप विदेश मंत्री को चीन और भारत के बीच सीमा पर हुए विवाद के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया कि 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। वहीं, एक कर्नल रैंक के अधिकारी भी शहीद हुए हैं।

वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करते हुए हिमालय में भारत और चीन की सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विकास को लेकर चर्चा की।

यह भी पढ़ें: भारत से चार गुना ज्यादा है ड्रैगन का सैन्य खर्च, फिर भी जमीन पर हमारी सेना मजबूत 

इससे पहले, छह जून को भारत और चीन के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर हुई बातचीत से पहले, भारत के विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने रूसी राजदूत निकोलय कुदाशेव को एलएसी पर उत्पन्न हुई स्थिति को लेकर अवगत कराया। सीमा विवाद के चरम पर पहुंचने पर विदेश सचिव और एक विदेशी राजदूत के बीच यह सार्वजनिक रूप से हुई एकमात्र बैठक थी।

मंगलवार को होने वाली त्रिपक्षीय विदेश मंत्री वार्ता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के बीच सीमा विवाद को लेकर होने वाली पहली बैठक होगी। 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

गोपालपुर में बाइक से ठोकर के बाद गर्भवती की गोली मार हत्या

Publish Date:Fri, 10 Jul 2020 01:33 AM (IST) पटना फुलवारीशरीफ। गोपालपुर थाना क्षेत्र में चैनपुर गांव के नजदीक गुरुवार को बाइक की ठोकर लगने से...

Vikas Dubey Kanpur Encounter: विकास दुबे मामले में क्या फंस जाएगी पुलिस, एनकाउंटर पर क्या कहता है कानून

जिस अस्पताल में रखा है विकास दुबे का शव, वहां से एनकाउंटर की पूरी कहानीहाइलाइट्सपहले विकास दुबे के साथी और अब उसका एनकाउंटर हुआपुलिस...

Corona Symptoms: कोरोना से नर्वस सिस्टम भी होता है प्रभावित शोध में पता चले दिमागी सूजन बेहोशी में बड़बड़ाने जैसे नए लक्षण

Updated: | Wed, 08 Jul 2020 08:41 PM (IST) Corona Symptoms: कोरोना वायरस कितना घातक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है...

मुंबई में भारी बारिश, कई इलाकों में भरा पानी और लगा ट्रैफिक जाम

आज शाम मुंबई में भारी वर्षा के बाद जल-जमावमुंबई: आज शाम पूरे मुंबई में भारी बारिश हुई और कई निचले इलाकों को जल-जमाव और...