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कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सस्ती स्टेरॉयड दवा के इस्तेमाल की अनुमति

Dexamethasone के उपयोग को सरकार ने दी हरी झंड़ी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • कम कीमत वाले स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन के प्रयोग को मंजूरी
  • क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकाल: कोविड-19 का संशोधित संस्करण जारी
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेक्सामेथासोन के उत्पादन में तेजी लाने को कहा

नई दिल्ली:

देश में तेजी से बढ़ते कोरोना के संक्रमण के बीच भारत सरकार ने शनिवार को कोरोनावायरस (Coronavirus) मरीजों के इलाज के लिए कम कीमत वाले स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) के प्रयोग को मंजूरी दी है. यह मेथिलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होगी. इसका उपयोग मध्यम और गंभीर स्थिति वाले कोरोनावायरस मरीजों के इलाज में हो सकेगा. ब्रिटेन में हुए क्लीनिकल ट्रायल में डेक्सामेथासोन को कोरोना की ‘लाइफ़ सेविंग’ दवा के रूप में पाया गया था, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेक्सामेथासोन के उत्पादन में तेजी लाने को कहा था.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकाल: कोविड-19 का संशोधित संस्करण जारी किया है. मंत्रालय की ओर से जारी इस दस्तावेज का उपयोग स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा रिफ्रेंस के रूप में किया जाता है. इस महीने की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने मैनुअल (सूची) में कोरोनावायरस के नए लक्षणों को शामिल किया है. ये लक्षण सूंघने और स्वाद की क्षमता खोना है. 

दस्तावेज में कहा गया है कि डेक्सामेथासोन का प्रयोग ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत वाले मरीजों पर किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल गठिया जैसे रोगों में सूजन को कम करने के लिए किया जाता है. देश में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया है. एक दिन में 18552 नए मामले सामने आए हैं. यह पिछले 24 घंटों में कोरोना का सबसे बड़ा आंकड़ा है. भारत कोरोना संक्रमितों के लिहाज से दुनिया में सर्वाधिक प्रभावित दस देशों में चौथे स्थान पर है. 

डेक्सामेथासोन 60 साल से ज्यादा समय से बाजार में उपलब्ध है और आमतौर पर सूजन कम करने के लिए  इसका उपयोग होता है. 

हाल ही में, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की टीम की अगुवाई में अनुसंधानकर्ताओं ने 2,000 से ज्यादा गंभीर रूप से ग्रसित कोरोना मरीजों पर डेक्सामेथासोन का प्रयोग किया. इससे मौत का खतरा 35 प्रतिशत तक कम हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जोर दिया है कि डेक्सामेथासोन का उपयोग सिर्फ गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए किया जाना चाहिए. 

(एएफपी और रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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