Home स्वास्थ्य आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए 12 लैब को मिली परीक्षण सामग्री

आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए 12 लैब को मिली परीक्षण सामग्री

दिल्ली में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 12 कार्यात्मक लैब के लिए 4.7 लाख आरटी-पीसीआर परीक्षणों को अंजाम देने के लिए नैदानिक सामग्री की आपूर्ति की है. इसकी जानकारी भारत सरकार ने दी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आरटी-पीसीआर टेस्ट (रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिऐक्शन टेस्ट), वायरल इंफेक्शन और कई तरह के ट्यूमर का पता लगाने के लिए किया जाने वाला प्रमाणित टेस्ट है. कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए फिलहाल, इसका ही इस्तेमाल किया जा रहा है. कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए किए जाने वाले टेस्ट में यह सबसे पहला और सफल डायग्नोस्टिक टेस्ट है. जनवरी में जब दुनियाभर में कोरोना वायरस के बारे में पता चला तभी से डॉक्टरों ने कोविड-19 बीमारी का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. आरटी-पीसीआर टेस्ट (रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिऐक्शन टेस्ट), वायरल इंफेक्शन और कई तरह के ट्यूमर का पता लगाने के लिए किया जाने वाला टेस्ट है.

इसके अलावा कोरोना वायरस सार्स-सीओवी -2 से होने वाली बीमारी को विभाजित -19 का पता लगाने के लिए किए जाने वाले टेस्ट में यह सबसे पहला और सफल डायग्नोस्टिक टेस्ट है. वही, जनवरी कोरोना वायरस की जांच के लिए डॉक्टरों ने कोविड -19 बीमारी का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था.

दिल्ली में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 12 कार्यात्मक लैब के लिए 4.7 लाख आरटी-पीसीआर परीक्षणों को अंजाम देने के लिए नैदानिक सामग्री की आपूर्ति की है. इसकी जानकारी भारत सरकार ने दी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आरटी-पीसीआर टेस्ट (रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिऐक्शन टेस्ट), वायरल इंफेक्शन और कई तरह के ट्यूमर का पता लगाने के लिए किया जाने वाला प्रमाणित टेस्ट है. कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए फिलहाल, इसका ही इस्तेमाल किया जा रहा है. कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए किए जाने वाले टेस्ट में यह सबसे पहला और सफल डायग्नोस्टिक टेस्ट है. जनवरी में जब दुनियाभर में कोरोना वायरस के बारे में पता चला तभी से डॉक्टरों ने कोविड-19 बीमारी का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. आरटी-पीसीआर टेस्ट (रिवर्स-ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमर्स चेन रिऐक्शन टेस्ट), वायरल इंफेक्शन और कई तरह के ट्यूमर का पता लगाने के लिए किया जाने वाला टेस्ट है.

इसके अलावा कोरोना वायरस सार्स-सीओवी -2 से होने वाली बीमारी को विभाजित -19 का पता लगाने के लिए किए जाने वाले टेस्ट में यह सबसे पहला और सफल डायग्नोस्टिक टेस्ट है. वही, जनवरी कोरोना वायरस की जांच के लिए डॉक्टरों ने कोविड -19 बीमारी का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था.



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