Home दुनिया पाकिस्तान को सख्त संदेश देने के लिए कराची हमले पर देर से...

पाकिस्तान को सख्त संदेश देने के लिए कराची हमले पर देर से आया UNSC का बयान, चीन भी नहीं कर सका मदद

कराची में हाल में हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान को अमेरिका और जर्मनी ने दो बार रोका था क्योंकि वे पाकिस्तान द्वारा इस घटना के लिए भारत को दोष देने तथा प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ बताने के कारण पाकिस्तान को ‘संदेश’ देना चाहते थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

पाकिस्तान के कराची में 29 जून 2020 को हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाला बयान 15 सदस्यीय संरा सुरक्षा परिषद ने बुधवार (1 जुलाई) को जारी किया था। इस बयान का मसौदा पाकिस्तान के सहयोगी चीन ने तैयार किया था और इसे मौन प्रक्रिया के तहत लाया गया था जिसमें यदि कोई सदस्य तय समयावधि के भीतर आपत्ति नहीं जताता है तो प्रस्ताव को स्वीकार्य मान लिया जाता है।

सबसे पहले इस मौन प्रक्रिया को जर्मनी ने भंग किया जिससे बयान जारी करने में विलंब हुआ। तब इसकी समयसीमा बढ़ाकर एक जुलाई सुबह दस बजे (स्थानीय समयानुसार) की गई। इसके बाद, दूसरी बार मौन प्रक्रिया को अमेरिका ने भंग किया जिससे बयान जारी करने में और भी विलंब हुआ।

पाकिस्तान ने कराची हमले के लिए भारत को दोषी ठहराया, चीन समर्थित UNSC के सदस्य नाखुश

सूत्रों के मुताबिक यह विलंब पाकिस्तान को यह ”संदेश” देने के लिए किया गया कि यह संभव नहीं है कि एक ओर वह अलकायदा के पूर्व प्रमुख और भयावह आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ”शहीद” कहे और कराची हमले में भारत का नाम घसीटें, वहीं दूसरी ओर अपने यहां हुए हमले के लिए स्पष्ट निंदा की उम्मीद करे।

कराची में हुए आतंकवादी हमले से जोड़ने पर भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को कड़ा जवाब दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कड़े शब्दों में कहा था कि पाकिस्तान अपनी घरेलू समस्याओं का दोष भारत पर नहीं मढ़ सकता है और पाकिस्तान की तरह भारत को कराची समेत दुनियाभर में कहीं भी हुई आतंकवादी घटना की निंदा करने में कोई संकोच नहीं होता है।

इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में दिए गए बयान में लादेन को ‘शहीद’ कहा था। सूत्रों के मुताबिक परिषद के सभी सदस्य इस बात पर सहमत थे कि एक ओर वैश्विक आतंकी को ‘शहीद कहना और दूसरी ओर आतंकी घटना की साफतौर पर निंदा की उम्मीद करना, यह साथ-साथ नहीं चल सकता। सूत्रों ने बताया कि बयान जारी करने में देरी की वजह यह संदेश देना था कि आपको इनमें से एक को छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यह ”संदेश” उन तक पहुंच गया है और इन चीजों को लेकर वह गैरजिम्मेदार नहीं हो सकते।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय

रक्षाबंधन के मौके पर एक साथ सस्ते हुए Samsung के ये तीन स्मार्टफोन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी। *Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200 ख़बर सुनें ख़बर सुनें रक्षाबंधन के मौके पर...

Ayodhya Ram Mandir: भूमि पूजन में शामिल इकबाल अंसारी ने कहा- राम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं मुस्लिम

बाबरी मुद्दई अंसारी (iqbal ansari) ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्णय को स्वीकार करना हमारा कर्तव्य है। मैं राम जन्मभूमि गया,...

Beirut Live: बेरूत विस्‍फोट में अब तक 73 लोगों की मौत, 3700 से ज्‍यादा लोग घायल

Edited By Shailesh Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 05 Aug 2020, 08:01:00 AM IST लेबनान: बेरूत में धमाकों से तबाही का मंजर,...

पटरी पर पानी भरने के कारण मध्य रेलवे की मेन और हार्बर लाइन हुई ठप्प

पिछले 3 दिनों से मुंबई में हो रही लगातार बारिश (heavy rain in mumbai) से आम लोगों का जीवन हलकान हो गया है। अब...

विधायकों को जयपुर से शिफ्ट करने पर बोले अशोक गहलोत, उन्हें और उनके परिवारवालों को धमकाया जा रहा है

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने खेमे के कांग्रेस विधायकों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर कहा...