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सुनील गावसकर की सलाह के बाद फिर कभी बाउंसर खेलने में तकलीफ नहीं हुई: इंजमाम उल हक

Edited By Arun Kumar | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • गावसकर ने 1992 में इंजमाम को शॉर्ट बॉल के खिलाफ दी थी अहम सलाह
  • उस सलाह के बाद बाउंसर्स के खिलाफ पूरे करियर में नहीं हुई दिक्कत: इंजमाम
  • इंजमाम ने की गावसकर के खेल की तारीफ, बोले- उनके 10 हजार टेस्ट रन सबसे खास
  • गावसकर की खूबियों को याद करते हुए इंजमाम ने यूट्यूब चैनल पर किया उन्हें बर्थडे विश

नई दिल्ली

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज कप्तान इंजमाम उल हक (Inzamam Ul Haq) ने भारत के पूर्व दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावसकर (Sunil Gavaskar) को 28 साल पहले दी गई एक खास सलाह के लिए थैंक्यू बोला है। इंजमाम ने अपने यूट्यूब चैनल ‘इंजमाम उल हक- द मैच विनर’ में सुनील गावसकर हो उनके जन्मदिन के मौके पर हैपी बर्थडे विश करते हुए इस लम्हे को याद किया, जिसने इस पूर्व कप्तान की पूरे करियर में साथ निभाया।

इंजमाम ने गावसकर को दुनिया का महान बल्लेबाज मानते हुए कहा, ‘सुनील गावसकर सचमुच दुनिया के सबसे महान बल्लेबाजों में एक हैं। उन्होंने 10 हजार टेस्ट रन का कीर्तिमान सबसे पहले स्थापित किया और इसके बाद दूसरे बल्लेबाजों को यह रास्ता दिखाया कि टेस्ट क्रिकेट में भी 10 हजार रन बनाना संभव है।’

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इस पूर्व भारतीय दिग्गज बल्लेबाज की बैटिंग की तारीफ करते हुए इंजमाम ने कहा, ‘गावसकर की महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह जिस दौर में खेलते थे, तब आज की तरह बैटिंग फ्रैंडली विकेट्स नहीं हुआ करती थीं। बैट आज जितने मजबूत नहीं होते थे। मैदान भी आज की तरह छोटे नहीं होते थे। तब पूरी बैटिंग बेहतर टाइमिंग और अनुशासन पर निर्भर करती थी। गावसकर ने जिस दौर में यह 10 हजार रन अपने नाम किए उसकी तुलना अगर आज के दौर से की जाए, तो ये करीब 15 से 16 हजार रन होते।’

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इसके बाद पाकिस्तान के इस पूर्व कप्तान इस महान बल्लेबाज से मिली उस सलाह का जिक्र किया, जिसने उनके पूरे करियर में मदद की। इंजमाम ने बताया कि वैसे तो बाउंसर्स को अच्छा खेलता था लेकिन इंग्लैंड में जाकर मैं इन गेंदों के खिलाफ बेअसर हो रहा था। फिर एक चैरिटी मैच में मुझे गावसकर के साथ खेलने का मौका मिला, तो मैंने उन्हें अपनी समस्या बताई। गावसकर ने इंजमाम की इस तकलीफ का बहुत ही आसान सा हल बताया।

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50 वर्षीय इंजमाम ने बताया, ‘गावसकर ने शॉर्ट बॉल खेलने का तरीका यही बताया कि वह अपने दिमाग से यह बात निकाल दें कि बोलर उन्हें शॉर्ट बॉल फेंकने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब बाउंसर वाली बात दिमाग में नहीं रहेगी, तब बैट अपने आप सही चलेगा।’

इंजी ने कहा, ‘शुरुआत में यह सुनकर इसे अपनाना थोड़ा अजीब लगा कि जिससे प्रॉब्लम है उसे ही दिमाग से कैसे निकालें लेकिन जब यह बात समझ में आ गई तो फिर मैं कभी बाउंसर्स के खिलाफ परेशानी में नहीं आया। उन्होंने मुझे 1992 में यह सलाह दी थी और मैं 2008 तक क्रिकेट खेला लेकिन कभी भी शॉर्ट बॉल के खिलाफ मुझे समस्या नहीं आई।

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