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नोएडाः स्कूल के क्लासरूम में छात्रा ने की आत्महत्या, स्कूल प्रशासन ने गुपचुप किया दाह संस्कार

Edited By Shashi Mishra | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

सांकेतिक चित्र

नोएडा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थिति लड़कियों के एक बोर्डिंग स्कूल में रह रही छात्रा ने आत्महत्या कर ली। आरोप है कि 14 साल की यह छात्रा 10वीं में पढ़ती थी। उसकी आत्महत्या के बाद कॉलेज प्रशासन ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही गुपचुप तरीके से छात्रा का दाह संस्कार भी कर दिया।

छात्रा का परिवार हरियाणा में रहता है। उन्होंने अपनी बेटी का ऐडमिशन यहां पर एक साल पहले ही कराया था। कहा जा रहा है कि छात्रा का शव 3 जुलाई को छात्राओं के एक ग्रुप ने कक्षा में पंखे से लटकते पाया। छात्रा के पैरंट्स ने बताया कि वे लोग जब अपनी बेटी का बैग खाली कर रहे थे, उसी दौरान उसके अंदर से कागज मिले, जिसमें कुछ लिखा था।

उलझा हुआ छात्रा का सूइसाइड नोट

छात्रा ने सूइसाइड नोट में लिखा कि उसे गलत समझा जाता है। उसका कोई दोस्त नहीं है। उसे अपनी जिंदगी से नफरत है। पेपर में सबसे ऊपर उसने लिखा, ‘मेरी जिंदगी का सबसे खराब दिन है यह। मेरे साथ सब गंदा व्यवहार करते हैं। मैं किसी से मिलना चाहती हूं।’ इस पत्र को लिखते समय छात्रा के आंसू बह रहे थे क्योंकि सूइसाइड नोट में कई जगह आंसू टपकने से निशान पड़े थे।

छात्रा की बहन और भाई भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं

छात्रा की 13 वर्षीय बहन इसी स्कूल में पढ़ती है और उसका भाई इस स्कूल की एक दूसरी ब्रांच में है। पैरंट्स का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने छात्रा की बहन को दूसरे कमरे में बंद कर दिया ताकि वह किसी से इस आत्महत्या के बारे में न बता सके।

टेस्ट के लिए स्कूल वापस बुलाए गए बच्चे

छात्रा के पैरंट्स ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद वे लोग तीनों बच्चों को लेकर हरियाणा आ गए थे। स्कूल से टेस्ट होने का संदेश आया और कहा गया कि स्कूल में ही सारे बच्चों को आकर टेस्ट देना होगा। 17 जून को सारे मेडिकल रिपोर्ट्स तैयार करवाने के बाद वे तीनों बच्चों को स्कूल छोड़कर आ गए।

3 जुलाई की घटना पर पड़ा रहा पर्दा

3 जुलाई को उन्हें सुबह साढ़े पांच बजे फोन आया। उन्हें स्कूल आने को कहा गया। पैरंट्स ने पूछा लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन से कहा कि उनके पास नोएडा आने के लिए रुपये नहीं हैं तो स्कूल प्रशासन ने कहा कि वे आ जाएं उनका खर्चा वे दे देंगे। छात्रा के पैरंट्स स्कूल पहुंचे। पैरंट्स का आरोप है कि स्कूल पहुंचते ही उन लोगों के फोन जमा करा लिए गए और तब उन्हें उनकी बेटी के आत्महत्या करने की सूचना दी गई।

मां को डराकर किया दाह संस्कार !

छात्रा की मां का आरोप है कि उन्होंने देखा कि उनकी बेटी की लाश पंखे से लटक रही थी। उसने यूनिफॉर्म पहना था और उसकी सलवार ढीली थी। जब उन लोगों ने स्कूल प्रशासन से पूछा तो उन्होंने बताया कि उसने आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि छात्रा की मां को डराया गया कि छात्रा ने मरने से पहले उनके खिलाफ सूइसाइड नोट लिखा है। अगर पुलिस आई तो वह फंस जाएंगी। उन्होंने सूइसाइड नोट मांगा लेकिन नहीं दिया गया। उन्हें डराकर छात्रा का गुपचुप दाह संस्कार कर दिया गया।

स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप

छात्रा के पैरंट्स का यह भी आरोप है कि उनसे कुछ कागजों में जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। कागजों में लिखा था कि उनकी बेटी की मौत प्राकृतिक है। वह लंबे दिनों से बीमार थी। छात्रा की मां का आरोप है, ‘हम लोगों से जबरन हाथ का अंगूठा लगवा लिया गया। हस्ताक्षर करवा लिए गए। हम लोगों ने उनसे प्रार्थना की कि बेटी का शव हमें दे दें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। दाह संस्कार के बाद हम लोगों को स्कूल प्रशासन ने अपनी ही कार से हरियाणा कार से भिजवाया। हम लोगों के घर पहुंचने तक एक दूसरी कार ने पीछा भी किया।’

घर पहुंचकर बैग में मिला सुइसाइड नोट

घर लौटने के बाद उन लोगों ने बेटी का बैग चेक किया तो उन्हें सूइसाइड नोट मिला। नोट में जगह-जगह मनीष तंवर और मनीष शर्मा लिखा था। छात्रा के पैरंट्स ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस मामले में हस्तक्षेप करके उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोएडा पुलिस और अन्य अधिकारियों को भी पत्र लिखा है। नोएडा के डीसीपी संकल्प शर्मा ने कहा कि उन्हें इस मामले में शिकायत मिली है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्कूल प्रशासन ने आरोप किए खारिज

वहीं स्कूल के चांसलर ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि छात्रा के पैरंट्स मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं। छात्रा ने अपनी मां के खिलाफ सूइसाइड नोट लिखा था और वे लोग कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। उनकी मर्जी से ही छात्रा का दाह संस्कार किया गया। उन लोगों ने हम लोगों से इस मामले को किसी से न कहने का अनुरोध किया था।

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