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CBSE 12th Result : सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में लड़कियों ने बाजी मारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं जिसमें लड़कियों के उत्तीर्ण करने का प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5.96 प्रतिशत बेहतर रहा। 12वीं कक्षा में क्षेत्रवार त्रिवेंद्रम क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा, जहां के विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.67 रहा। सीबीएसई ने कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष मेधा (मेरिट) सूची जारी नहीं करने का निर्णय लिया है । बोर्ड ने ‘फेल के स्थान पर ‘आवश्यक रिपीट शब्दावली का उपयोग करने का भी फैसला किया है। 

सीबीएसई द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस वर्ष 12वीं कक्षा में कुल 88.78 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि 2019 में इसका प्रतिशत 83.40 प्रतिशत था। यानी, पिछले साल की तुलना में इस साल 5.38 प्रतिशत अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।

CBSE 12th result 2020 Direct Link

लड़कों से आगे निकली बेटियां-

इस साल लड़कियों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 92.15 रहा, जबकि लड़कों में प्रतिशत 86.19 रहा। ट्रांसजेंडर का उत्तीर्ण प्रतिशत 66.67 दर्ज किया गया। 12वीं कक्षा की परीक्षा में 38,686 विद्यार्थियों को 95 प्रतिशत से अधिक अंक मिले, जबकि 1,57,934 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए।

बोर्ड ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लंबित परीक्षाएं रद्द कर दी थीं और वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के आधार पर परिणाम घोषित किया है। चार श्रेणियों पर आधारित इस योजना के तहत छात्र को उस विषय के आधार पर अंक दिए गए हैं, जिनमें उसे सर्वाधिक अंक मिले हैं।

बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि इस योजना के अनुसार जिन 400 छात्रों के अंकों की गणना नहीं हो पाई है, उनका परिणाम बाद में घोषित किया जाएगा।

इस वर्ष 13,109 स्कूलों में 4,984 परीक्षा केंद्रों पर 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। इसमें 12,03,595 विद्यार्थियों ने परीक्षा देने के लिए पंजीकरण कराया था और 10,59,080 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। इनमें से 88.78 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए।

 

सफलता प्रतिशत में त्रिवेंद्रम सबसे आगे-

क्षेत्रवार त्रिवेंद्रम क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा, जहां उत्तीर्ण प्रतिशत 97.67 रहा। बेंगलुरू क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.05 और चेन्नई क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.17 दर्ज किया गया।

दिल्ली पश्चिम क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.61, दिल्ली पूर्व क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.24, पंचकूला क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.52, चंडीगढ़ क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.04, भुवनेश्वर क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 91.46 और भोपाल क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.95 दर्ज किया गया। अजमेर क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.60 रहा जबकि नोएडा क्षेत्र से 84.87 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे। गुवाहाटी क्षेत्र से 83.37 प्रतिशत, देहरादून क्षेत्र से 83.22 प्रतिशत, प्रयागराज क्षेत्र से 82.49 प्रतिशत और पटना क्षेत्र से 74.57 प्रतिशत छात्र सफल रहे।

सम्पूर्ण दिल्ली क्षेत्र से इस वर्ष 2,39,870 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिये पंजीकरण कराया था और 2,37,901 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। इनमें से 2,24,552 विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। सम्पूर्ण दिल्ली क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.39 रहा।

विदेशी स्कूलों में 12वीं कक्षा की परीक्षा के लिए 16,103 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था और 16,043 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 15,122 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। विदेशी स्कूलों में 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.26 दर्ज किया गया।

 

जवाहर नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय के छात्र अव्वल-

जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों का 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण प्रतिशत 98.70 रहा, जबकि केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.62 प्रतिशत दर्ज किया गया। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.94 प्रतिशत रहा। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट किया कि छात्र परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर देख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि छात्रों का स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

परीक्षा परिणाम वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के आधार पर परिणाम घोषित किया है । इस योजना के तहत विद्यार्थियों की चार श्रेणियां बनाकर कर परिणाम तैयार किये गए। इसमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं जिन्होंने सभी परीक्षा पूरी की और उनका परिणाम इन परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया गया । दूसरी श्रेणी ऐसे छात्रों की है जिन्होंने तीन से अधिक विषयों की परीक्षा दी। ऐसे में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन विषयों में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर उन विषयों में अंक दिये गए जिनकी परीक्षा नहीं हुई थी। 

तीसरी श्रेणी ऐसे छात्रों की है जिन्होंने केवल तीन विषयों में परीक्षा दी। ऐसे छात्रों को श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दो विषयों में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर अंक दिये गए जिनकी परीक्षा नहीं हुई थी। 

12वीं कक्षा के छात्रों के लिये एक और श्रेणी उनकी है जिनमें मुख्य रूप से दंगा प्रभावित उत्तर पूर्व दिल्ली का इलाका आता है जहां परीक्षा स्थगित कर दी गई थी । इन छात्रों ने केवल एक या दो विषयों में परीक्षा दी थी । ऐसे छात्रों का परिणाम परीक्षा देने वाले विषय में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया तथा इसमें अंतरिक और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट मूल्यांकन को भी ध्यान में रखा गया। 

बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिये वैकल्पिक परीक्षा कराने का भी निर्णय किया है जो परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं और वे इसे बेहतर करना चाहते हैं। सीबीएसई ऐसे विषयों की वैकल्पिक परीक्षा आयोजित करेगी जिनकी परीक्षा 1 जुलाई से 15 जुलाई तक निर्धारित था। इनका आयोजन स्थिति उपयुक्त होने और इस बारे में केंद्र सरकार के निर्णय के आधार पर होगा। 



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