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Mumbai Coronavirus Latest Update: धारावी में 10 दिनों में नहीं हुई कोरोना से कोई मौत

हाइलाइट्स

  • धारावी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या – 2634
  • होम क्वारंटीन हुए लोगों की संख्या -47,358
  • डिस्चार्ज मरीजों की संख्या – 2295
  • ऐक्टिव मरीजों की संख्या – 81
  • अब तक हुई कुल मौत – 256

मुंबई

एशिया की सबसे बड़ी स्लम धारावी में कोरोना पर ब्रेक के बाद अब वहां मौत का सिलसिला थम गया है। बीएमसी हेल्थ डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के मुताबिक पिछले 10 दिनों में यहां कोरोना से किसी की डेथ नहीं हुई है। यह काफी सुकून देने वाली बात है। धारावी में 1 अप्रैल को कोरोना का पहला कोरोना मरीज मिला था, जिसकी उसी दिन मौत भी हो गई थी। धारावी को लेकर केंद्र, राज्य सरकार और बीएमसी प्रशासन की नींद उठी थी। धारावी में कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के अथक प्रयासों के बावजूद अप्रैल, मई और जून में तेजी से कोरोना का प्रसार हुआ था।

अब सिर्फ 81 कोरोना के ऐक्टिव मरीज

बीएमसी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार धारावी में अब तक 2,634 लोग संक्रमित हुए हैं, जिसमें से 2,295 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 256 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 67 लोग अप्रैल में, 154 की मौत मई में, 37 की जून में और 7 लोगों की मौत जुलाई में हुई है। 1 अगस्त के बाद अब तक किसी भी संक्रमित की मौत दर्ज नहीं हुई है। हालांकि, धारावी में अब सिर्फ 81 कोरोना के ऐक्टिव पेशंट हैं। मंगलवार को धारावी में सिर्फ 8 कोरोना के नए पेशंट सामने आए। जुलाई महीने से धारावी में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आई है, ज्यादातर दिन 10 से कम कोरोना के नए मरीज मिले हैं।

मुश्किल थी डगर

वॉर्ड ऑफिसर किरण दिघावकर के अनुसार धारावी में ट्रिपल टी फॉर्म्युला यानि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीटमेंट के जरिए कोरोना पर नियंत्रण की कोशिश की गई। धीरे-धीरे यह फॉर्म्युला सफल होने लगा। इस बीच, धारावी से सटे माहिम में 200 बिस्तरों का कोविड सेंटर बनाया गया, जहां मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया कराई गई। फीवर क्लिनिक, डोर टू डोर सर्वे, मोबाइल वैन डिस्पेंसरी से मरीजों की पहचान में काफी मदद मिली। चेस द वायरस अभियान ने इसमें काफी मदद की।

धारावी की घनी बस्ती में प्रत्येक झोपड़पट्टियों में 8 से 10 लोग रहते हैं। वहीं, जनसंख्या के अनुपात में यहां सार्वजनिक शौचालयों का भी भारी अभाव है। ऐसी स्थिति में यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना काफी मुश्किल था। जब तक यहां कोरोना मरीजों की संख्या जीरो नहीं हो जाती तब तक अभियान जारी रहेगा।

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