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यूपी में टीचर की मौत के 18 महीने बाद भी मिलती रही सैलरी, जांच के आदेश

Pilibhit Latest News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जिले में शिक्षा विभाग की ओर से बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले में 18 महीने पहले एक शिक्षक की मौत हो गई। इसके बावजूद शिक्षा विभाग (Basic Education) उन्हें सैलरी देता रहा।

Edited By Sujeet Upadhyay | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

सांकेतिक तस्वीर

पीलीभीत

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग के अंदर गड़बड़ घोटाले का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला यूपी के पीलीभीत जिले में सामने आया है। यहां 18 महीने पहले एक टीचर की मौत हो गई। इसके बावजूद शिक्षा विभाग लगातार सैलरी देता रहा। लापरवाही का आलम यह रहा कि विभाग ने इस दौरान मृतक टीचर का इन्क्रीमेंट भी लगा दिया। मामले का खुलासा होने पर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब पूरे मामले में बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को इस अनियमितता पर एक विस्तृत रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, यूपी के पीलीभीत जिले के बिलसंडा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में तैनात अध्यापक अरविंद कुमार की 22 मई 2016 को मौत हो गई। मई 2016 में अध्यापक की मौत के बाद भी शिक्षा विभाग अध्यापक को नवंबर 2018 तक वेतन पहले की तरह देता रहा। मामला तब आया जब मृतक की पत्नी वंदना अपनी नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र स्वरूप के पास गई। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र स्वरूप ने मृतक की आश्रित पत्नी वंदना की नियुक्ति से पहले खंड शिक्षा अधिकारी से मृतक अरविंद की सैलरी को लेकर पूछताछ की।



नवंबर 2017 तक खाते में जाती रही सैलरी


बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि अनियमितता तब सामने आई, जब लेखा अनुभाग की ओर से अरविंद कुमार की समीक्षा की जा रही थी। कुमार ने 5 नवंबर, 2015 को शिक्षक के रूप में ड्यूटी ज्वाइन की थी और 22 मई, 2016 को उनका निधन हो गया। लेकिन लेखा अनुभाग ने उनके मासिक वेतन को नवंबर 2017 तक उनके बैंक खाते में भेजना जारी रखा। इस बारे में संपर्क करने पर पीलीभीत के बेसिक शिक्षा समन्वयक राकेश पटेल ने कहा कि वेतन पत्रक स्कूल के हेडमास्टर की ओर से निर्धारित प्रारूप में तैयार किया गया है। फिर इसे खंड शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद अधिकारी किसी भी वृद्धि या कटौती के बारे में अपने नोट्स के साथ खाता अनुभाग को भेजता है। खाता अनुभाग बिल को बढ़ाता है और अंत में संबंधित कर्मचारी सदस्य के बैंक खाते में वेतन भेजा जाता है।

मामले की होगी जांच

बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने कहा कि इस पूरे मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक की भूमिका, खंड शिक्षा अधिकारी और लेखा अनुभाग के कर्मचारियों की जांच की जाएगी। यह एक गंभीर मामला है।

Web Title pilibhit latest news: dead teacher draws salary for over 18 months in up, inquiry ordered(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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